बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भागि भवन पैठीं अति त्रासा। गए महेसु जहाँ जनवासा।।
मूल पाठ
भागि भवन पैठीं अति त्रासा। गए महेसु जहाँ जनवासा।।
मैना हृदयँ भयउ दुखु भारी। लीन्ही बोलि गिरीसकुमारी।।
स्रोत अभिलेख 1.96 · पुस्तक पृ. 110, 111
भावार्थ
मूल पाठ के बादबहुत ही डरके मारे भागकर वे घरमें घुस गयीं और शिवजी जहाँ जनवासा था, वहाँ चले गये। मैनाके हृदयमें बड़ा दु:ख हुआ। उन्होंने पार्वतीजीको अपने पास बुला लिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 110 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1भागि भवन पैठीं अति त्रासा। गए महेसु जहाँ जनवासा।।
English explanation
Terrified, the women fled into the house; Shiva went to the wedding party’s lodgings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भागि | भागकर | having fled |
| भवन | भवन में | into the house |
| पैठीं | प्रवेश कर गईं | entered |
| अति | अत्यंत | extremely |
| त्रासा | भय से | from fear |
| गए | गए | went |
| महेसु | महेश शिव | Shiva, the great Lord |
| जहाँ | जहाँ था | where there were |
| जनवासा | बारात का ठहरने का स्थान | the wedding party’s lodgings |
2 मैना हृदयँ भयउ दुखु भारी। लीन्ही बोलि गिरीसकुमारी।।
English explanation
Great sorrow arose in Maina’s heart; she called Parvati, the mountain king’s daughter, to her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैना | पार्वती की माता मैना | Maina, Parvati’s mother |
| हृदयँ | हृदय में | in her heart |
| भयउ | हुआ | arose |
| दुखु | दुःख | sorrow |
| भारी | बहुत अधिक | great |
| लीन्ही | ले लिया, पास बुला लिया | took to herself |
| बोलि | बुलाकर | having called |
| गिरीसकुमारी | पर्वतराज की पुत्री पार्वती को | Parvati, daughter of the mountain king |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.96
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 110
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 110, 111
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।