बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भवन बेदधुनि अति मृदु बानी। जनु खग मूखर समयँ जनु सानी।।
मूल पाठ
भवन बेदधुनि अति मृदु बानी। जनु खग मूखर समयँ जनु सानी।।
कौतुक देखि पतंग भुलाना। एक मास तेइँ जात न जाना।।
स्रोत अभिलेख 1.195 · पुस्तक पृ. 195, 195
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजभवनमें जो अति कोमल वाणीसे वेदध्वनि हो रही है, वही मानो समयसे(समयानुकूल) सनी हुई पक्षियोंकी चहचहाहट है। यह कौतुक देखकर सूर्य भी [अपनी चाल] भूल गये। एक महीना उन्होंने जाता हुआ न जाना (अर्थात् उन्हें एक महीना वहीं बीत गया)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 195 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भवन बेदधुनि अति मृदु बानी। जनु खग मूखर समयँ जनु सानी।।
English explanation
In the buildings, Vedic recitation sounds very gentle, as though birds were calling and the evening hour were steeped in their voices.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भवन | भवनों में | in the buildings |
| बेदधुनि | वेदपाठ की ध्वनि | the sound of Vedic recitation |
| अति | अत्यंत | very |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी या स्वर | voice or utterance |
| जनु | मानो | as though |
| खग | पक्षी | birds |
| मूखर | मुखर, बोलते हुए | vocal, calling |
| समयँ | उस समय में, संध्या के समय | at that hour, at twilight |
| जनु | मानो | as though |
| सानी | सनी या रँगी हुई | steeped or imbued |
2 कौतुक देखि पतंग भुलाना। एक मास तेइँ जात न जाना।।
English explanation
Seeing this wondrous celebration, the sun became so absorbed that he did not notice a month passing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कौतुक | अद्भुत उत्सव | wondrous celebration |
| देखि | देखकर | on seeing |
| पतंग | सूर्य | the sun |
| भुलाना | सुध-बुध भूल गया | became oblivious |
| एक | एक | one |
| मास | महीना | month |
| तेइँ | उसने, सूर्य ने | he, the sun |
| जात | बीतता हुआ | passing |
| न | नहीं | not |
| जाना | जाना, ध्यान दिया | noticed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.195
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 195
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 195, 195
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।