बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भलेहिं नाथ कहि कृपानिकेता। उतरे तहँ मुनिबृंद समेता।।
मूल पाठ
भलेहिं नाथ कहि कृपानिकेता। उतरे तहँ मुनिबृंद समेता।।
बिस्वामित्र महामुनि आए। समाचार मिथिलापति पाए।।
स्रोत अभिलेख 1.214 · पुस्तक पृ. 212, 213
भावार्थ
मूल पाठ के बादकृपाके धाम श्रीरामचन्द्रजी 'बहुत अच्छा स्वामिन्! कहकर वहीं मुनियोंके समूहके साथ ठहर गये। मिथिलापति जनकजीने जब यह समाचार पाया कि महामुनि विश्वामित्र आये हैं,॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 212 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भलेहिं नाथ कहि कृपानिकेता। उतरे तहँ मुनिबृंद समेता।।
English explanation
Saying, ‘Very well, master,’ Rama, the abode of compassion, stayed there with the group of sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भलेहिं | बहुत अच्छा; अवश्य | very well; certainly |
| नाथ | हे स्वामी | O master |
| कहि | कहकर | having said |
| कृपानिकेता | कृपा के धाम राम | Rama, abode of compassion |
| उतरे | ठहरे | stayed |
| तहँ | वहीं | there |
| मुनिबृंद | मुनियों का समूह | group of sages |
| समेता | सहित | together with |
2 बिस्वामित्र महामुनि आए। समाचार मिथिलापति पाए।।
English explanation
Janaka, king of Mithila, received the news that the great sage Vishvamitra had arrived.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिस्वामित्र | ऋषि विश्वामित्र | the sage Vishvamitra |
| महामुनि | महान मुनि | great sage |
| आए | आए हैं | had arrived |
| समाचार | समाचार | news |
| मिथिलापति | मिथिला के राजा जनक | Janaka, ruler of Mithila |
| पाए | प्राप्त किया | received |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.214
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 212
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका जनकपुरमें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 212, 213
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