बालकाण्ड · दोहा 214 · दोहा/सोरठा
संग सचिव सुचि भूरि भट भूसुर बर गुर ग्याति।
संग सचिव सुचि भूरि भट भूसुर बर गुर ग्याति।
चले मिलन मुनिनायकहि मुदित राउ एहि भाँति।।214।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.214 · पुस्तक पृ. 212, 213
भावार्थ और शब्दार्थ
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1संग सचिव सुचि भूरि भट भूसुर बर गुर ग्याति।
साथ में शुद्ध आचरण वाले मंत्री, बहुत-से योद्धा, श्रेष्ठ ब्राह्मण, गुरु और संबंधी थे।
English explanation
With him were upright ministers, numerous warriors, eminent Brahmins, his preceptor, and kinsmen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संग | साथ में | in company with |
| सचिव | मंत्री | ministers |
| सुचि | शुद्ध आचरण वाले | upright |
| भूरि | बहुत-से | numerous |
| भट | योद्धा | warriors |
| भूसुर | ब्राह्मण | Brahmins |
| बर | श्रेष्ठ | eminent |
| गुर | गुरु | preceptor |
| ग्याति | संबंधी और कुटुंबी | kinsmen |
2 चले मिलन मुनिनायकहि मुदित राउ एहि भाँति।।214।।
इस प्रकार प्रसन्न राजा जनक मुनियों के नायक विश्वामित्र से मिलने चले।
English explanation
Thus the joyful king Janaka set out to meet Vishvamitra, the foremost of sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चल पड़े | set out |
| मिलन | मिलने के लिए | to meet |
| मुनिनायकहि | मुनियों के नायक विश्वामित्र से | Vishvamitra, foremost of sages |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| राउ | राजा जनक | King Janaka |
| एहि | इस | this |
| भाँति | प्रकार | manner |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 214
- स्रोत अभिलेख
- 1.214
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका जनकपुरमें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 212, 213
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