बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भयउ रसोईं भूसुर माँसू। सब द्विज उठे मानि बिस्वासू।।
मूल पाठ
भयउ रसोईं भूसुर माँसू। सब द्विज उठे मानि बिस्वासू।।
भूप बिकल मति मोहँ भुलानी। भावी बस आव मुख बानी।।
स्रोत अभिलेख 1.173 · पुस्तक पृ. 175, 175
भावार्थ
मूल पाठ के बादरसोईमें ब्राह्मणोंका मांस बना है। [आकाशवाणीका] विश्वास मानकर सब ब्राह्मण उठ खड़े हुए। राजा व्याकुल हो गया। [परन्तु] उसकी बुद्धि मोहमें भूली हुई थी। होनहारवश उसके मँुहसे [एक] बात [भी] न निकली॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 175 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भयउ रसोईं भूसुर माँसू। सब द्विज उठे मानि बिस्वासू।।
English explanation
The meal contains a Brahmin’s flesh. Believing this, all the Brahmins stood up.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयउ | पड़ा है; शामिल हुआ है | is present; has been included |
| रसोईं | रसोई में | in the prepared meal |
| भूसुर | ब्राह्मण का | a Brahmin’s |
| माँसू | मांस | flesh |
| सब | सभी | all |
| द्विज | ब्राह्मण | Brahmins |
| उठे | उठ खड़े हुए | stood up |
| मानि | मानकर | accepting |
| बिस्वासू | विश्वास; बात को सत्य | belief; the statement as true |
2 भूप बिकल मति मोहँ भुलानी। भावी बस आव मुख बानी।।
English explanation
The king was distraught, his understanding bewildered by delusion; under the sway of destiny, words came from his mouth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा | the king |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| मति | बुद्धि | understanding |
| मोहँ | मोह में | in delusion |
| भुलानी | भ्रमित हो गई | became bewildered |
| भावी | होनी; नियति | destiny |
| बस | के वश में | under the sway of |
| आव | आई; निकली | came forth |
| मुख | मुख से | from the mouth |
| बानी | वाणी | words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.173
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 175
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 175, 175
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।