बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भए तुरत सब जीव सुखारे। जिमि मद उतरि गएँ मतवारे।।
मूल पाठ
भए तुरत सब जीव सुखारे। जिमि मद उतरि गएँ मतवारे।।
रुद्रहि देखि मदन भय माना। दुराधरष दुर्गम भगवाना।।
स्रोत अभिलेख 1.86 · पुस्तक पृ. 100, 101
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुरंत ही सब जीव वैसे ही सुखी हो गये जैसे मतवाले (नशा पिये हुए ) लोग मद (नशा) उतर जानेपर सुखी होते हैं। दुराधर्ष (जिनको पराजित करना अत्यन्त ही कठिन है) और दुर्गम (जिनका पार पाना कठिन है) भगवान् (सम्पूर्ण ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्यरूप छ: ईश्वरीय गुणोंसे युक्त) रुद्र (महाभयङ्कर) शिवजीको देखकर कामदेव भयभीत हो गया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 100 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भए तुरत सब जीव सुखारे। जिमि मद उतरि गएँ मतवारे।।
English explanation
All beings immediately became comfortable and calm, like intoxicated people once their intoxication has worn off.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भए | हो गए | became |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| सब | सभी | all |
| जीव | जीव | living beings |
| सुखारे | सुखी; राहत पाए हुए | at ease; relieved |
| जिमि | जैसे | as; like |
| मद | नशा | intoxication |
| उतरि | उतर | wearing off |
| गएँ | जाने पर | once it has gone |
| मतवारे | नशे में चूर लोग | intoxicated people |
2 रुद्रहि देखि मदन भय माना। दुराधरष दुर्गम भगवाना।।
English explanation
Seeing Rudra, the god of desire felt fear; Lord Shiva is difficult to assail and hard to approach.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रुद्रहि | रुद्र अर्थात शिव को | Rudra, Shiva, as the object of seeing |
| देखि | देखकर | having seen |
| मदन | कामदेव | the god of desire |
| भय | डर | fear |
| माना | अनुभव किया | felt |
| दुराधरष | जिनका सामना या पराभव करना कठिन हो | difficult to assail or overcome |
| दुर्गम | जिन तक पहुँचना कठिन हो | hard to approach |
| भगवाना | भगवान शिव | Lord Shiva |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.86
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 100
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 100, 101
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।