बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्रह्मचर्ज ब्रत संजम नाना। धीरज धरम ग्यान बिग्याना।।
मूल पाठ
ब्रह्मचर्ज ब्रत संजम नाना। धीरज धरम ग्यान बिग्याना।।
सदाचार जप जोग बिरागा। सभय बिबेक कटकु सब भागा।।
स्रोत अभिलेख 1.84 · पुस्तक पृ. 98, 99
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्रह्मचर्य, नियम, नाना प्रकारके संयम, धीरज, धर्म, ज्ञान, विज्ञान, सदाचार, जप, योग, वैराग्य आदि विवेककी सारी सेना डरकर भाग गयी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 99 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 ब्रह्मचर्ज ब्रत संजम नाना। धीरज धरम ग्यान बिग्याना।।
English explanation
Celibacy, vows, various forms of restraint, fortitude, righteousness, knowledge, and realized understanding—all form part of the army of discernment described in the following line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्मचर्ज | ब्रह्मचर्य | celibacy |
| ब्रत | व्रत | vows |
| संजम | संयम | self-restraint |
| नाना | अनेक प्रकार के | of various kinds |
| धीरज | धैर्य | fortitude |
| धरम | धर्माचरण | righteous conduct |
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| बिग्याना | अनुभूत ज्ञान | realized understanding |
2 सदाचार जप जोग बिरागा। सभय बिबेक कटकु सब भागा।।
English explanation
The entire army of discernment, including good conduct, sacred repetition, yoga, and detachment, fled in fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सदाचार | अच्छा आचरण | good conduct |
| जप | मंत्र या नाम का जप | repetition of a sacred name or mantra |
| जोग | योग-साधना | yogic practice |
| बिरागा | वैराग्य | detachment |
| सभय | भयभीत होकर | in fear |
| बिबेक | विवेक की | of discernment |
| कटकु | सेना | army |
| सब | सारी | entire |
| भागा | भाग गई | fled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 99
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 98, 99
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।