बालकाण्ड · छंद · छंद
भागेउ बिबेकु सहाय सहित सो सुभट संजुग महि मुरे।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविवेक अपने सहायकोंसहित भाग गया, उसके योद्धा रणभूमिसे पीठ दिखा गये। उस समय वे सब सद्ग्रन्थरूपी पर्वतकी कन्दराओंमें जा छिपे (अर्थात् ज्ञान, वैराग्य, संयम, नियम, सदाचारादि ग्रन्थोंमें ही लिखे रह गये; उनका आचरण छूट गया)। सारे जगत्में खलबली मच गयी [और सब कहने लगे—] हे विधाता! अब क्या होनेवाला है, हमारी रक्षा कौन करेगा? ऐसा दो सिरवाला कौन है, जिसके लिये रतिके पति कामदेवने कोप करके हाथमें धनुष- बाण उठाया है?
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 99 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भागेउ बिबेकु सहाय सहित सो सुभट संजुग महि मुरे।
सदग्रंथ पर्बत कंदरन्हि महुँ जाइ तेहि अवसर दुरे॥
होनिहार का करतार को रखवार जग खरभरु परा।
दुइ माथ केहि रतिनाथ जेहि कहुँ कोपि कर धनु सरु धरा॥
स्रोत अभिलेख 1.84 · पुस्तक पृ. 98, 99
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1भागेउ बिबेकु सहाय सहित सो सुभट संजुग महि मुरे।
English explanation
Discernment fled with its helpers; even those valiant warriors turned back from battle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भागेउ | भाग गया | fled |
| बिबेकु | विवेक; उचित-अनुचित का ज्ञान | discernment of right and wrong |
| सहाय | सहायकों | helpers |
| सहित | के साथ | together with |
| सो | वे | those |
| सुभट | वीर योद्धा | valiant warriors |
| संजुग | युद्ध | battle |
| महि | में | in |
| मुरे | मुड़ गए; पीछे हटे | turned back; retreated |
2सदग्रंथ पर्बत कंदरन्हि महुँ जाइ तेहि अवसर दुरे॥
English explanation
At that moment, the good scriptures, pictured as warriors, went and hid in mountain caves.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सदग्रंथ | सद्ग्रंथ; उत्तम शिक्षाप्रद ग्रंथ | good, instructive scriptures |
| पर्बत | पर्वतों की | of mountains |
| कंदरन्हि | गुफाओं | caves |
| महुँ | में | in |
| जाइ | जाकर | having gone |
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | moment |
| दुरे | छिप गए | hid themselves |
3होनिहार का करतार को रखवार जग खरभरु परा।
English explanation
What can even the Creator do against what is destined, and who can protect anyone? The world was thrown into turmoil.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| होनिहार | जो होना निश्चित है; होनहार | what is destined to happen |
| का | क्या | what |
| करतार | कर्तार; सृष्टिकर्ता विधाता | the Creator; ordainer |
| को | कौन | who |
| रखवार | रक्षा करने वाला | protector |
| जग | संसार में | in the world |
| खरभरु | खलबली; हलचल | turmoil; commotion |
| परा | पड़ गई; मच गई | arose; broke out |
4दुइ माथ केहि रतिनाथ जेहि कहुँ कोपि कर धनु सरु धरा॥
English explanation
Who has two heads, so as to survive when Kama, Rati’s husband, angrily takes up bow and arrow against them?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुइ | दो | two |
| माथ | सिर | heads |
| केहि | किसके | whose; who has |
| रतिनाथ | रति के पति कामदेव | Kama, husband of Rati |
| जेहि | जिसके | whom |
| कहुँ | लिए; विरुद्ध | against; targeting |
| कोपि | क्रोध करके | having become angry |
| कर | हाथ में | in his hand |
| धनु | धनुष | bow |
| सरु | बाण | arrow |
| धरा | धारण किया; उठाया | held; took up |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 1.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 99
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 98, 99
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।