बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब आपन प्रभाउ बिस्तारा। निज बस कीन्ह सकल संसारा।।
मूल पाठ
तब आपन प्रभाउ बिस्तारा। निज बस कीन्ह सकल संसारा।।
कोपेउ जबहि बारिचरकेतू। छन महुँ मिटे सकल श्रुति सेतू।।
स्रोत अभिलेख 1.84 · पुस्तक पृ. 98, 99
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब उसने अपना प्रभाव फैलाया और समस्त संसारको अपने वशमें कर लिया। जिस समय उस मछलीके चिह्नकी ध्वजावाले कामदेवने कोप किया, उस समय क्षणभरमें ही वेदोंकी सारी मर्यादा मिट गयी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 98 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तब आपन प्रभाउ बिस्तारा। निज बस कीन्ह सकल संसारा।।
English explanation
Then the god of desire spread his power and brought the entire world under his control.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| आपन | अपना | his own |
| प्रभाउ | प्रभाव | power |
| बिस्तारा | फैलाया | spread |
| निज | अपने | his own |
| बस | वश में | under control |
| कीन्ह | कर लिया | brought |
| सकल | समस्त | entire |
| संसारा | संसार | world |
2 कोपेउ जबहि बारिचरकेतू। छन महुँ मिटे सकल श्रुति सेतू।।
English explanation
As soon as the god of desire, whose banner bears a makara, grew angry, all boundaries prescribed by the Vedas vanished in an instant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोपेउ | क्रोधित हुआ | grew angry |
| जबहि | जैसे ही | as soon as |
| बारिचरकेतू | मकर-ध्वज वाले कामदेव | the god of desire with a makara banner |
| छन | क्षण | an instant |
| महुँ | में | in |
| मिटे | मिट गए | vanished |
| सकल | सभी | all |
| श्रुति | वेदों की | of the Vedas |
| सेतू | मर्यादाएँ | prescribed boundaries |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 98
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 98, 99
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।