बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस कहि चलेउ सबहि सिरु नाई। सुमन धनुष कर सहित सहाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दयों कह और सबको सिर नवाकर कामदेव अपने पुष्पके धनुषको हाथमें लेकर [वसन्तादि] सहायकोंके साथ चला। चलते समय कामदेवने हृदयमें ऐसा विचार किया कि शिवजीके साथ विरोध करनेसे मेरा मरण निश्चित है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 98 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अस कहि चलेउ सबहि सिरु नाई। सुमन धनुष कर सहित सहाई।।
चलत मार अस हृदयँ बिचारा। सिव बिरोध ध्रुव मरनु हमारा।।
स्रोत अभिलेख 1.84 · पुस्तक पृ. 98, 99
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अस कहि चलेउ सबहि सिरु नाई। सुमन धनुष कर सहित सहाई।।
English explanation
Saying this, the god of desire bowed his head to everyone and set out with a flower-bow in his hand and his helpers accompanying him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| चलेउ | चल पड़ा | set out |
| सबहि | सबको | to everyone |
| सिरु | सिर | head |
| नाई | झुकाकर | having bowed |
| सुमन | फूलों का | of flowers |
| धनुष | धनुष | bow |
| कर | हाथ में | in his hand |
| सहित | सहित | together with |
| सहाई | सहायक | helpers |
2 चलत मार अस हृदयँ बिचारा। सिव बिरोध ध्रुव मरनु हमारा।।
English explanation
As he went, the god of desire thought in his heart: opposing Shiva will certainly mean my death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलत | चलते हुए | while going |
| मार | कामदेव | the god of desire |
| अस | ऐसा | thus |
| हृदयँ | हृदय में | in his heart |
| बिचारा | विचार किया | thought |
| सिव | भगवान शिव से | with Shiva |
| बिरोध | विरोध | opposition |
| ध्रुव | निश्चित | certain |
| मरनु | मृत्यु | death |
| हमारा | मेरी | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 98
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 98, 99
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।