बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बोलि सकल सुर सादर लीन्हे। सबहि जथोचित आसन दीन्हे।।
मूल पाठ
बोलि सकल सुर सादर लीन्हे। सबहि जथोचित आसन दीन्हे।।
बेदी बेद बिधान सँवारी। सुभग सुमंगल गावहिं नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.1 · पुस्तक पृ. 114, 114
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब देवताओंको आदरसहित बुलवा लिया और सबको यथायोग्य आसन दिये। वेदकी रीतिसे वेदी सजायी गयी और स्त्रियाँ सुन्दर श्रेष्ठ मङ्गलगीत गाने लगीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 114 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बोलि सकल सुर सादर लीन्हे। सबहि जथोचित आसन दीन्हे।।
English explanation
AI draft: All the gods were invited and respectfully received, and each was given a suitable seat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोलि | बुलाकर | having invited |
| सकल | सभी | all |
| सुर | देवताओं को | the gods |
| सादर | आदर सहित | respectfully |
| लीन्हे | स्वागत किया | received |
| सबहि | सबको | to everyone |
| जथोचित | जिसके लिए जैसा उचित हो | as appropriate for each |
| आसन | बैठने के स्थान | seats |
| दीन्हे | दिए | gave |
2 बेदी बेद बिधान सँवारी। सुभग सुमंगल गावहिं नारी।।
English explanation
The wedding altar was prepared according to Vedic rites; the women sang beautiful auspicious songs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेदी | विवाह की वेदी | wedding altar |
| बेद | वेदों के | of the Vedas |
| बिधान | विधि-विधान के अनुसार | according to prescribed rites |
| सँवारी | सजाई और तैयार की | adorned and prepared |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| सुमंगल | शुभ मंगलगीत | auspicious songs |
| गावहिं | गाती हैं | sing |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 114
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 114, 114
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।