बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बैनतेय बलि जिमि चह कागू। जिमि ससु चहै नाग अरि भागू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजैसे गरुड़का भाग कौआ चाहे, सिं हका भाग खरगोश चाहे, बिना कारण ही क्रोध करनेवाला अपनी कुशल चाहे, शिवजीसे विरोध करनेवाला सब प्रकारकी सम्पत्ति चाहे,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 257 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बैनतेय बलि जिमि चह कागू। जिमि ससु चहै नाग अरि भागू।।
जिमि चह कुसल अकारन कोही। सब संपदा चहै सिवद्रोही।।
स्रोत अभिलेख 1.267 · पुस्तक पृ. 257, 258
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बैनतेय बलि जिमि चह कागू। जिमि ससु चहै नाग अरि भागू।।
English explanation
As a crow desires Garuda’s food, or a rabbit desires the share of the lion, the elephant’s foe.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैनतेय | गरुड़ का | of Garuda, the divine eagle |
| बलि | आहार; खाने का अंश | food; allotted offering |
| जिमि | जैसे | as |
| चह | चाहता है | desires |
| कागू | कौआ | a crow |
| जिमि | जैसे | as |
| ससु | खरगोश | a rabbit |
| चहै | चाहता है | desires |
| नाग | हाथी का | of the elephant |
| अरि | शत्रु; सिंह | enemy; the lion |
| भागू | भाग; आहार का हिस्सा | share; portion of food |
2 जिमि चह कुसल अकारन कोही। सब संपदा चहै सिवद्रोही।।
English explanation
As one who becomes angry without cause desires well-being, and an enemy of Shiva desires every prosperity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिमि | जैसे | as |
| चह | चाहता है | desires |
| कुसल | कुशल; भलाई | well-being |
| अकारन | बिना कारण | without cause |
| कोही | क्रोध करने वाला | an irascible person |
| सब | सारी | all |
| संपदा | संपत्ति; समृद्धि | wealth; prosperity |
| चहै | चाहता है | desires |
| सिवद्रोही | शिव से द्रोह करने वाला | one hostile to Shiva |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.267
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 257
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 257, 258
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