बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिष्नु चारि भुज बिघि मुख चारी। बिकट बेष मुख पंच पुरारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभगवान् विष्णुके चार भुजाएँ हैं, ब्रह्माजीके चार मुख हैं, शिवजीका विकट (भयानक) वेष है और उनके पाँच मुँह हैं। हे सखी! दूसरा देवता भी कोई ऐसा नहीं है जिसके साथ इस छबिकी उपमा दी जाय॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 217 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिष्नु चारि भुज बिघि मुख चारी। बिकट बेष मुख पंच पुरारी।।
अपर देउ अस कोउ न आही। यह छबि सखि पटतरिअ जाही।।
स्रोत अभिलेख 1.22 · पुस्तक पृ. 217, 218
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बिष्नु चारि भुज बिघि मुख चारी। बिकट बेष मुख पंच पुरारी।।
English explanation
Vishnu has four arms, Brahma has four faces; Shiva, destroyer of Tripura, has a formidable appearance and five faces.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिष्नु | भगवान विष्णु | the god Vishnu |
| चारि | चार | four |
| भुज | भुजाएँ | arms |
| बिघि | ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता | Brahma, the creator |
| मुख | मुख | faces |
| चारी | चार | four |
| बिकट | विकट, भयावह | formidable |
| बेष | वेश | appearance |
| मुख | मुख | faces |
| पंच | पाँच | five |
| पुरारी | त्रिपुर के विनाशक शिव | Shiva, destroyer of Tripura |
2 अपर देउ अस कोउ न आही। यह छबि सखि पटतरिअ जाही।।
English explanation
Friend, there is no other god with whom this beauty could be compared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अपर | अन्य | other |
| देउ | देवता | god |
| अस | ऐसा | such |
| कोउ | कोई | any |
| न | नहीं | not |
| आही | है | exists |
| यह | यह | this |
| छबि | सुंदरता | beauty |
| सखि | हे सखी | O friend |
| पटतरिअ | तुलना की जा सके | could be compared |
| जाही | जिससे | with whom |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 217
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 217, 218
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।