बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिप्र श्राप तें दूनउ भाई। तामस असुर देह तिन्ह पाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउन दोनों भाइयोंने ब्राह्मण (सनकादि) के शापसे असुरोंका तामसी शरीर पाया। एकका नाम था हिरण्यकशिपु और दूसरेका हिरण्याक्ष। ये देवराज इन्द्रके गर्वको छुड़ानेवाले सारे जगत्में प्रसिद्ध हुए॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 134 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिप्र श्राप तें दूनउ भाई। तामस असुर देह तिन्ह पाई।।
कनककसिपु अरु हाटक लोचन। जगत बिदित सुरपति मद मोचन।।
स्रोत अभिलेख 1.122 · पुस्तक पृ. 134, 134
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बिप्र श्राप तें दूनउ भाई। तामस असुर देह तिन्ह पाई।।
English explanation
Because of the Brahmins’ curse, those two brothers acquired demonic bodies dominated by tamas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिप्र | ब्राह्मणों का | of the Brahmins |
| श्राप | शाप | curse |
| तें | के कारण | because of |
| दूनउ | दोनों | both |
| भाई | भाई | brothers |
| तामस | तमोगुण-प्रधान | dominated by tamas |
| असुर | असुरों के | demonic |
| देह | शरीर | bodies |
| तिन्ह | उन्होंने | they |
| पाई | प्राप्त किए | acquired |
2 कनककसिपु अरु हाटक लोचन। जगत बिदित सुरपति मद मोचन।।
English explanation
They became Hiranyakashipu and Hiranyaksha, renowned throughout the world as breakers of Indra’s pride.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कनककसिपु | हिरण्यकशिपु नामक असुर | the demon Hiranyakashipu |
| अरु | और | and |
| हाटक | स्वर्ण | golden |
| लोचन | नेत्र वाला | eyed |
| जगत | संसार में | throughout the world |
| बिदित | प्रसिद्ध | renowned |
| सुरपति | देवराज इंद्र का | of Indra, king of the gods |
| मद | गर्व | pride |
| मोचन | भंग करने वाले | breakers of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.122
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 134
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 134, 134
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।