बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिप्रहु श्राप बिचारि न दीन्हा। नहिं अपराध भूप कछु कीन्हा।।
मूल पाठ
बिप्रहु श्राप बिचारि न दीन्हा। नहिं अपराध भूप कछु कीन्हा।।
चकित बिप्र सब सुनि नभबानी। भूप गयउ जहँ भोजन खानी।।
स्रोत अभिलेख 1.174 · पुस्तक पृ. 175, 176
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे ब्राह्मणो! तुमने विचारकर शाप नहीं दिया। राजाने कुछ भी अपराध नहीं किया। आकाशवाणी सुनकर सब ब्राह्मण चकित हो गये। तब राजा वहाँ गया, जहाँ भोजन बना था॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 176 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिप्रहु श्राप बिचारि न दीन्हा। नहिं अपराध भूप कछु कीन्हा।।
English explanation
Brahmins! You gave this curse without due consideration. The king has committed no offense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिप्रहु | हे ब्राह्मणो | O Brahmins |
| श्राप | शाप | the curse |
| बिचारि | विचार करके | after considering |
| न | नहीं | not |
| दीन्हा | दिया | gave |
| नहिं | नहीं | not |
| अपराध | अपराध | offense |
| भूप | राजा ने | the king |
| कछु | कोई भी | any |
| कीन्हा | किया | committed |
2 चकित बिप्र सब सुनि नभबानी। भूप गयउ जहँ भोजन खानी।।
English explanation
All the Brahmins were astonished to hear the heavenly voice. The king went to the place where the food was prepared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चकित | चकित | astonished |
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmins |
| सब | सभी | all |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| नभबानी | आकाशवाणी | the voice from the sky |
| भूप | राजा | the king |
| गयउ | गया | went |
| जहँ | जहाँ | where |
| भोजन | भोजन | food |
| खानी | बनाने का स्थान; रसोई | preparation place; kitchen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.174
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 176
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 175, 176
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।