बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तहँ न असन नहिं बिप्र सुआरा। फिरेउ राउ मन सोच अपारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[देखा तो] वहाँ न भोजन था, न रसोइया ब्राह्मण ही था। तब राजा मनमें अपार चिन्ता करता हुआ लौटा। उसने ब्राह्मणोंको सब वृत्तान्त सुनाया और [बड़ा ही] भयभीत और व्याकुल होकर वह पृथ्वीपर गिर पड़ा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 176 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तहँ न असन नहिं बिप्र सुआरा। फिरेउ राउ मन सोच अपारा।।
सब प्रसंग महिसुरन्ह सुनाई। त्रसित परेउ अवनीं अकुलाई।।
स्रोत अभिलेख 1.174 · पुस्तक पृ. 175, 176
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तहँ न असन नहिं बिप्र सुआरा। फिरेउ राउ मन सोच अपारा।।
English explanation
Neither the food nor the Brahmin cook was there. The king returned with immense anxiety in his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तहँ | वहाँ | there |
| न | न | neither |
| असन | भोजन | food |
| नहिं | न ही | nor |
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmin |
| सुआरा | रसोइया | cook |
| फिरेउ | लौट आया | returned |
| राउ | राजा | the king |
| मन | मन में | in his heart |
| सोच | चिंता | anxiety |
| अपारा | असीम | immense |
2 सब प्रसंग महिसुरन्ह सुनाई। त्रसित परेउ अवनीं अकुलाई।।
English explanation
The king recounted the whole affair to the Brahmins and, terrified and distressed, fell to the ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | पूरा | the whole |
| प्रसंग | वृत्तांत | affair |
| महिसुरन्ह | ब्राह्मणों को | to the Brahmins |
| सुनाई | सुनाकर | having recounted |
| त्रसित | भयभीत | terrified |
| परेउ | गिर पड़ा | fell |
| अवनीं | पृथ्वी पर | to the ground |
| अकुलाई | व्याकुल होकर | in distress |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.174
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 176
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 175, 176
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।