बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिनय सील करुना गुन सागर। जयति बचन रचना अति नागर।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे विनय, शील, कृपा आदि गुणोंके समुद्र और वचनोंकी रचनामें अत्यन्त चतुर! आपकी जय हो। हे सेवकोंको सुख देनेवाले, सब अङ्गोंसे सुन्दर और शरीरमें करोड़ों कामदेवोंकी छबि धारण करनेवाले! आपकी जय हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 271 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिनय सील करुना गुन सागर। जयति बचन रचना अति नागर।।
सेवक सुखद सुभग सब अंगा। जय सरीर छबि कोटि अनंगा।।
स्रोत अभिलेख 1.285 · पुस्तक पृ. 271, 272
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिनय सील करुना गुन सागर। जयति बचन रचना अति नागर।।
English explanation
You are an ocean of humility, good conduct, compassion, and virtues. Glory to you, whose speech is most elegantly composed!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनय | विनय; नम्रता | humility |
| सील | शील; सदाचार | good character; conduct |
| करुना | करुणा | compassion |
| गुन | सद्गुण | virtues |
| सागर | सागर | ocean |
| जयति | जय हो | glory to you |
| बचन | वचनों की | of speech |
| रचना | रचना; विन्यास | composition; arrangement |
| अति | अत्यंत | very; exceedingly |
| नागर | सुरुचिपूर्ण; चतुर | elegant; skilful |
2 सेवक सुखद सुभग सब अंगा। जय सरीर छबि कोटि अनंगा।।
English explanation
You bring joy to your servants, and all your limbs are beautiful. Glory to you, whose bodily beauty is like that of millions of love gods!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सेवक | सेवकों को | to servants; devotees |
| सुखद | सुख देने वाले | giving joy |
| सुभग | सुंदर; मनोहर | beautiful; charming |
| सब | सभी | all |
| अंगा | अंग | limbs |
| जय | जय हो | glory to you |
| सरीर | शरीर की | of the body |
| छबि | शोभा; सुंदरता | beauty; radiance |
| कोटि | करोड़ों | millions |
| अनंगा | कामदेवों जैसी | like love gods |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.285
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 271
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 271, 272
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।