बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जय रघुबंस बनज बन भानू। गहन दनुज कुल दहन कृसानु।।
मूल पाठ
जय रघुबंस बनज बन भानू। गहन दनुज कुल दहन कृसानु।।
जय सुर बिप्र धेनु हितकारी। जय मद मोह कोह भ्रम हारी।।
स्रोत अभिलेख 1.285 · पुस्तक पृ. 271, 272
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे रघुकुलरूपी कमलवनके सूर्य! हे राक्षसोंके कुलरूपी घने जंगलको जलानेवाले अग्नि! आपकी जय हो! हे देवता, ब्राह्मण और गौका हित करनेवाले ! आपकी जय हो। हे मद, मोह, क्रोध और भ्रमके हरनेवाले! आपकी जय हो॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 271 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जय रघुबंस बनज बन भानू। गहन दनुज कुल दहन कृसानु।।
English explanation
Glory to you, the sun to the lotus grove of Raghu’s dynasty and the fire that burns the dense forest of demon clans!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | glory to you |
| रघुबंस | रघु का वंश | Raghu’s dynasty |
| बनज | कमल | lotuses |
| बन | वन; समूह | grove |
| भानू | सूर्य | sun |
| गहन | घना वन | dense forest |
| दनुज | दानवों का | of demons |
| कुल | कुल; वंश | clans; lineages |
| दहन | जलाने वाली | burning; consuming |
| कृसानु | अग्नि | fire |
2 जय सुर बिप्र धेनु हितकारी। जय मद मोह कोह भ्रम हारी।।
English explanation
Glory to you, benefactor of gods, Brahmins, and cows! Glory to you, remover of pride, attachment, anger, and delusion!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | glory to you |
| सुर | देवताओं का | of the gods |
| बिप्र | ब्राह्मणों का | of Brahmins |
| धेनु | गायों का | of cows |
| हितकारी | हित करने वाले | benefactor |
| जय | जय हो | glory to you |
| मद | अहंकार | pride |
| मोह | मोह; आसक्ति | attachment; delusion |
| कोह | क्रोध | anger |
| भ्रम | भ्रम | confusion; misapprehension |
| हारी | हरने वाले | remover |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.285
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 271
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 271, 272
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।