बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिधुबदनीं सब सब मृगलोचनि। सब निज तन छबि रति मदु मोचनि।।
मूल पाठ
बिधुबदनीं सब सब मृगलोचनि। सब निज तन छबि रति मदु मोचनि।।
पहिरें बरन बरन बर चीरा। सकल बिभूषन सजें सरीरा।।
स्रोत अभिलेख 1.318 · पुस्तक पृ. 298, 299
भावार्थ
मूल पाठ के बादसभी स्त्रियाँ चन्द्रमुखी (चन्द्रमाके समान मुखवाली) और सभी मृगलोचनी (हरिणकी-सी आँखोंवाली) हैं और सभी अपने शरीरकी शोभासे रतिके गर्वको छुड़ानेवाली हैं। रंग-रंगकी सुन्दर साडिय़ाँ पहने हैं और शरीरपर सब आभूषण सजे हुए हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 298 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिधुबदनीं सब सब मृगलोचनि। सब निज तन छबि रति मदु मोचनि।।
English explanation
AI draft: All the women have moonlike faces and doe-like eyes; the beauty of their bodies dispels even Rati’s pride.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधुबदनीं | चंद्रमा जैसे मुख वाली स्त्रियाँ | women with moonlike faces |
| सब | सभी | all |
| सब | सभी | all |
| मृगलोचनि | हिरनी जैसी आँखों वाली | doe-eyed |
| सब | सभी | all |
| निज | अपने | their own |
| तन | शरीर की | of their bodies |
| छबि | सुंदरता से | through the beauty |
| रति | कामदेव की पत्नी रति का | of Rati, the wife of the god of love |
| मदु | गर्व | pride |
| मोचनि | दूर करने वाली | dispelling |
2 पहिरें बरन बरन बर चीरा। सकल बिभूषन सजें सरीरा।।
English explanation
They wear beautiful garments of many colors, and their bodies are adorned with every kind of ornament.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पहिरें | पहने हुए हैं | are wearing |
| बरन | रंग | color |
| बरन | भिन्न-भिन्न रंगों के | of varied colors |
| बर | सुंदर और उत्तम | fine and beautiful |
| चीरा | वस्त्र | garments |
| सकल | सभी प्रकार के | every kind of |
| बिभूषन | आभूषणों से | with ornaments |
| सजें | सजे हुए हैं | are adorned |
| सरीरा | शरीर | bodies |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.318
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 298
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 298, 299
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।