बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल सुमंगल अंग बनाएँ। करहिं गान कलकंठि लजाएँ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसमस्त अङ्गोंको सुन्दर मङ्गल पदार्थोंसे सजाये हुए वे कोयलको भी लजाती हुई [मधुर स्वरसे] गान कर रही हैं। कंगन, करधनी और नूपुर बज रहे हैं। स्त्रियोंकी चाल देखकर कामदेवके हाथी भी लजा जाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 299 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सकल सुमंगल अंग बनाएँ। करहिं गान कलकंठि लजाएँ।।
कंकन किंकिनि नूपुर बाजहिं। चालि बिलोकि काम गज लाजहिं।।
स्रोत अभिलेख 1.318 · पुस्तक पृ. 298, 299
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सकल सुमंगल अंग बनाएँ। करहिं गान कलकंठि लजाएँ।।
English explanation
They have adorned their bodies with every auspicious embellishment; their singing puts even cuckoos to shame.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सभी | all |
| सुमंगल | शुभ शृंगारों से | with auspicious embellishments |
| अंग | शरीर के अंग | their limbs |
| बनाएँ | सजाए हुए हैं | have adorned |
| करहिं | करती हैं | perform |
| गान | गायन | singing |
| कलकंठि | मधुर कंठ वाली कोयलों को | the sweet-voiced cuckoos |
| लजाएँ | लजाते हुए | putting to shame |
2 कंकन किंकिनि नूपुर बाजहिं। चालि बिलोकि काम गज लाजहिं।।
English explanation
Their bracelets, girdle bells, and anklets ring; seeing their gait, even the god of love and elephants feel abashed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंकन | कंगन | bracelets |
| किंकिनि | करधनी की छोटी घंटियाँ | small bells on waist-girdles |
| नूपुर | पायल | anklets |
| बाजहिं | बजती हैं | ring |
| चालि | उनकी चाल | their gait |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| काम | कामदेव | the god of love |
| गज | हाथी | elephants |
| लाजहिं | लजाते हैं | feel abashed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.318
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 299
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 298, 299
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।