बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरि महाजन सकल बोलाए। आइ सबन्हि सादर सिर नाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दफिर सब महाजनोंको बुलाया और सबने आकर राजाको आदरपूर्वक सिर नवाया। [राजाने कहा—] बाजार, रास्ते, घर, देवालय और सारे नगरको चारों ओरसे सजाओ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 273 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बहुरि महाजन सकल बोलाए। आइ सबन्हि सादर सिर नाए।।
हाट बाट मंदिर सुरबासा। नगरु सँवारहु चारिहुँ पासा।।
स्रोत अभिलेख 1.287 · पुस्तक पृ. 273, 274
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बहुरि महाजन सकल बोलाए। आइ सबन्हि सादर सिर नाए।।
English explanation
Then he summoned all the leading citizens. They came and bowed their heads respectfully.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then |
| महाजन | नगर के प्रमुख नागरिक | leading citizens |
| सकल | सभी | all |
| बोलाए | बुलाए | summoned |
| आइ | आकर | having come |
| सबन्हि | सबने | all of them |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| सिर | सिर | heads |
| नाए | झुकाए | bowed |
2 हाट बाट मंदिर सुरबासा। नगरु सँवारहु चारिहुँ पासा।।
English explanation
Adorn the city on all sides—its markets, roads, buildings, and shrines.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हाट | बाजार | markets |
| बाट | रास्ते | roads |
| मंदिर | भवन | buildings |
| सुरबासा | देवताओं के स्थान; देवालय | abodes of the gods; shrines |
| नगरु | नगर | the city |
| सँवारहु | सजाओ | adorn |
| चारिहुँ | चारों | all four |
| पासा | दिशाओं में | sides |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.287
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 273
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 273, 274
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।