बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दूत अवधपुर पठवहु जाई। आनहिं नृप दसरथहि बोलाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजाकर अयोध्याको दूत भेजो, जो राजा दशरथको बुला लावें। राजाने प्रसन्न होकर कहा— हे कृपालु! बहुत अच्छा! और उसी समय दूतोंको बुलाकर भेज दिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 273 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दूत अवधपुर पठवहु जाई। आनहिं नृप दसरथहि बोलाई।।
मुदित राउ कहि भलेहिं कृपाला। पठए दूत बोलि तेहि काला।।
स्रोत अभिलेख 1.287 · पुस्तक पृ. 273, 274
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 दूत अवधपुर पठवहु जाई। आनहिं नृप दसरथहि बोलाई।।
English explanation
Send messengers to Ayodhya; let them go and bring King Dasharatha at your invitation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दूत | दूतों को | messengers |
| अवधपुर | अयोध्या नगर में | to the city of Ayodhya |
| पठवहु | भेजिए | send |
| जाई | जाकर | having gone |
| आनहिं | वे ले आएँ | let them bring |
| नृप | राजा | King |
| दसरथहि | दशरथ को, राम के पिता को | Dasharatha, Rama’s father |
| बोलाई | बुलाकर | having invited |
2 मुदित राउ कहि भलेहिं कृपाला। पठए दूत बोलि तेहि काला।।
English explanation
Delighted, King Janaka said, “Very well, gracious one!” He summoned the messengers and sent them immediately.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुदित | प्रसन्न | delighted |
| राउ | राजा जनक | King Janaka |
| कहि | कहकर | having said |
| भलेहिं | बहुत अच्छा; अवश्य | very well; certainly |
| कृपाला | हे कृपालु | O gracious one |
| पठए | भेजे | sent |
| दूत | दूत | messengers |
| बोलि | बुलाकर | having summoned |
| तेहि | उसी | that very |
| काला | समय | time |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.287
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 273
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 273, 274
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।