बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बलु प्रतापु बीरता बड़ाई। नाक पिनाकहि संग सिधाई।।
मूल पाठ
बलु प्रतापु बीरता बड़ाई। नाक पिनाकहि संग सिधाई।।
सोइ सूरता कि अब कहुँ पाई। असि बुधि तौ बिधि मुहँ मसि लाई।।
स्रोत अभिलेख 1.266 · पुस्तक पृ. 256, 257
भावार्थ
मूल पाठ के बादअरे ! तुम्हारा बल, प्रताप, वीरता, बड़ाई और नाक (प्रतिष्ठा) तो धनुषके साथ ही चली गयी। वही वीरता थी कि अब कहींसे मिली है? ऐसी दुष्ट बुद्धि है, तभी तो विधाताने तुम्हारे मुखोंपर कालिख लगा दी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 257 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बलु प्रतापु बीरता बड़ाई। नाक पिनाकहि संग सिधाई।।
English explanation
“Your strength, might, valor, greatness, and honor all departed with Shiva’s bow, Pinaka.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बलु | बल | strength |
| प्रतापु | प्रताप; प्रभावशाली पराक्रम | might |
| बीरता | वीरता | valor |
| बड़ाई | बड़प्पन; गौरव | greatness |
| नाक | प्रतिष्ठा; इज्जत | honor |
| पिनाकहि | शिव के धनुष पिनाक के ही | with Shiva’s bow, Pinaka itself |
| संग | साथ | along with |
| सिधाई | चली गई | departed |
2 सोइ सूरता कि अब कहुँ पाई। असि बुधि तौ बिधि मुहँ मसि लाई।।
English explanation
“Have you now somehow recovered that valor? If this is your judgment, the Creator has blackened your faces with disgrace.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही | that very |
| सूरता | शूरता; वीरता | valor |
| कि | क्या | has it? |
| अब | अब | now |
| कहुँ | कहीं | somewhere; somehow |
| पाई | प्राप्त कर ली | recovered |
| असि | ऐसी | such |
| बुधि | बुद्धि; समझ | judgment |
| तौ | तो | then |
| बिधि | विधाता; सृष्टिकर्ता | the Creator |
| मुहँ | मुँह पर | on your faces |
| मसि | कालिख | black ink; disgrace |
| लाई | लगा दी | has applied |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.266
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 257
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 256, 257
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।