बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं बिदेहु कछु करै सहाई। जीतहु समर सहित दोउ भाई।।
मूल पाठ
जौं बिदेहु कछु करै सहाई। जीतहु समर सहित दोउ भाई।।
साधु भूप बोले सुनि बानी। राजसमाजहि लाज लजानी।।
स्रोत अभिलेख 1.266 · पुस्तक पृ. 256, 257
भावार्थ
मूल पाठ के बादयदि जनक कुछ सहायता करे, तो युद्धमें दोनों भाइयोंसहित उसे भी जीत लो। ये वचन सुनकर साधु राजा बोले—इस [निर्लज्ज] राजसमाजको देखकर तो लाज भी लजा गयी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 256 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौं बिदेहु कछु करै सहाई। जीतहु समर सहित दोउ भाई।।
English explanation
“If King Janaka of Videha offers any help, defeat him in battle along with both brothers!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| बिदेहु | विदेहराज जनक | Janaka, king of Videha |
| कछु | कुछ; कोई | any |
| करै | करें | provides |
| सहाई | सहायता | help |
| जीतहु | जीत लो; परास्त करो | defeat |
| समर | युद्ध में | in battle |
| सहित | के साथ | along with |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई राम और लक्ष्मण | brothers Rama and Lakshmana |
2 साधु भूप बोले सुनि बानी। राजसमाजहि लाज लजानी।।
English explanation
Hearing these words, the honorable kings said, “Even shame itself is ashamed of this assembly of kings.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साधु | सज्जन | honorable |
| भूप | राजा | kings |
| बोले | बोले | said |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| बानी | बात; वाणी | these words |
| राजसमाजहि | राजाओं की सभा पर | at the assembly of kings |
| लाज | लज्जा स्वयं | shame itself |
| लजानी | लज्जित हो गई | became ashamed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.266
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 256
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 256, 257
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।