बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बन बसि कीन्हे चरित अपारा। कहहु नाथ जिमि रावन मारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे नाथ! फिर उन्होंने वनमें रहकर जो अपार चरित्र किये तथा जिस तरह रावणको मारा, वह कहिये। हे सुखस्वरूप शङ्कर! फिर आप उन सारी लीलाओंको कहिये जो उन्होंने राज्य [सिंहासन] पर बैठकर की थीं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 124 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बन बसि कीन्हे चरित अपारा। कहहु नाथ जिमि रावन मारा।।
राज बैठि कीन्हीं बहु लीला। सकल कहहु संकर सुखलीला।।
स्रोत अभिलेख 1.11 · पुस्तक पृ. 123, 124
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बन बसि कीन्हे चरित अपारा। कहहु नाथ जिमि रावन मारा।।
English explanation
Rama performed countless deeds while living in the forest; my lord, recount them and tell how he killed Ravana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बन | वन में | in the forest |
| बसि | रहकर | having lived |
| कीन्हे | किए | performed |
| चरित | कार्य और चरित्र | deeds |
| अपारा | असंख्य; अपार | countless; boundless |
| कहहु | बताइए | recount |
| नाथ | हे स्वामी शिव | O lord Shiva |
| जिमि | जिस प्रकार; कैसे | how |
| रावन | लंका के राजा रावण को | Ravana, king of Lanka |
| मारा | मार डाला | killed |
2 राज बैठि कीन्हीं बहु लीला। सकल कहहु संकर सुखलीला।।
English explanation
After ascending the throne, Rama performed many divine deeds; O Shankara, recount all those joy-giving deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राज | राजसिंहासन पर | on the royal throne |
| बैठि | बैठकर | having seated himself |
| कीन्हीं | कीं | performed |
| बहु | बहुत-सी | many |
| लीला | लीलाएँ; दिव्य कार्य | divine deeds |
| सकल | सभी | all |
| कहहु | कहिए | recount |
| संकर | हे शंकर, शिव | O Shankara, Shiva |
| सुखलीला | सुख देने वाली लीलाएँ | joy-giving divine deeds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 124
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 123, 124
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।