बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहूँ पा परिअ तुम्हारें।।
मूल पाठ
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहूँ पा परिअ तुम्हारें।।
कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। ब्यर्थ धरहु धनु बान कुठारा।।
स्रोत अभिलेख 1.273 · पुस्तक पृ. 262, 262
भावार्थ
मूल पाठ के बादक्योंकि इन्हें मारनेसे पाप लगता है और इनसे हार जानेपर अपकीॢत होती है। इसलिये आप मारें तो भी आपके पैर ही पडऩा चाहिये। आपका एक-एक वचन ही करोड़ों वज्रोंके समान है। धनुष-बाण और कुठार तो आप व्यर्थ ही धारण करते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 262 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहूँ पा परिअ तुम्हारें।।
English explanation
Killing them brings sin, and losing to them brings disgrace; even if you strike us, we should fall at your feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बधें | वध करने पर | upon killing them |
| पापु | पाप होता है | there is sin |
| अपकीरति | बदनामी होती है | there is disgrace |
| हारें | हारने पर | upon being defeated |
| मारतहूँ | आपके मारने पर भी | even if you strike us |
| पा | पैरों में | at the feet |
| परिअ | पड़ना चाहिए | one should fall |
| तुम्हारें | आपके | your |
2 कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। ब्यर्थ धरहु धनु बान कुठारा।।
English explanation
Your words are like ten million thunderbolts; you carry your bow, arrows, and axe quite needlessly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोटि | करोड़ | ten million |
| कुलिस | वज्र | thunderbolts |
| सम | के समान | like |
| बचनु | वचन | speech |
| तुम्हारा | आपका | your |
| ब्यर्थ | व्यर्थ ही | needlessly |
| धरहु | आप धारण करते हैं | you carry |
| धनु | धनुष | bow |
| बान | बाण | arrows |
| कुठारा | फरसा | battle-axe |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.273
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 262
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 262, 262
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।