बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बड़ अधिकार दच्छ जब पावा। अति अभिमानु हृदयँ तब आवा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब दक्षने इतना बड़ा अधिकार पाया तब उनके हृदयमें अत्यन्त अभिमान आ गया। जगत्में ऐसा कोई नहीं पैदा हुआ जिसको प्रभुता पाकर मद न हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 80 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बड़ अधिकार दच्छ जब पावा। अति अभिमानु हृदयँ तब आवा।।
नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं। प्रभुता पाइ जाहि मद नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.6 · पुस्तक पृ. 80, 80
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बड़ अधिकार दच्छ जब पावा। अति अभिमानु हृदयँ तब आवा।।
English explanation
When Daksha gained great authority, excessive pride entered his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बड़ | बड़ा | great |
| अधिकार | अधिकार; ऊँचा पद | authority; high office |
| दच्छ | दक्ष ने | Daksha |
| जब | जब | when |
| पावा | पाया | obtained |
| अति | अत्यधिक | excessive |
| अभिमानु | अभिमान | pride |
| हृदयँ | हृदय में | into his heart |
| तब | तब | then |
| आवा | आया | arose |
2 नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं। प्रभुता पाइ जाहि मद नाहीं।।
English explanation
No one has been born in the world who, upon gaining power, has not become proud.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नहिं | नहीं | not |
| कोउ | कोई | anyone |
| अस | ऐसा | such |
| जनमा | जन्मा | has been born |
| जग | संसार | the world |
| माहीं | में | in |
| प्रभुता | प्रभुता; सत्ता | power; authority |
| पाइ | पाकर | having gained |
| जाहि | जिसे | to whom |
| मद | घमंड | arrogance |
| नाहीं | न हुआ हो | has not arisen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 80
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 80, 80
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।