बालकाण्ड · दोहा 60 · दोहा/सोरठा
दच्छ लिए मुनि बोलि सब करन लगे बड़ जाग।
दच्छ लिए मुनि बोलि सब करन लगे बड़ जाग।
नेवते सादर सकल सुर जे पावत मख भाग।।60।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.6 · पुस्तक पृ. 80, 80
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 दच्छ लिए मुनि बोलि सब करन लगे बड़ जाग।
दक्ष ने सभी मुनियों को बुला लिया और एक बड़ा यज्ञ करने लगे।
English explanation
Daksha summoned all the sages and began performing a great sacrifice.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दच्छ | दक्ष ने | Daksha |
| लिए | बुला लिया | had summoned |
| मुनि | मुनियों को | the sages |
| बोलि | बुलाकर | by calling |
| सब | सभी | all |
| करन | करने | to perform |
| लगे | लगे | began |
| बड़ | बड़ा | great |
| जाग | यज्ञ | sacrifice |
2 नेवते सादर सकल सुर जे पावत मख भाग।।60।।
दक्ष ने उन सभी देवताओं को आदरपूर्वक निमंत्रित किया जो यज्ञ में भाग पाते हैं।
English explanation
Daksha respectfully invited all the gods who receive a share of sacrificial offerings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नेवते | निमंत्रित किया | invited |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| सकल | सभी | all |
| सुर | देवताओं को | the gods |
| जे | जो | who |
| पावत | पाते हैं | receive |
| मख | यज्ञ का | of the sacrifice |
| भाग | हविष्य का हिस्सा | a share of the offerings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 60
- स्रोत अभिलेख
- 1.6
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 80, 80
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।