बालकाण्ड · दोहा 59 · दोहा/सोरठा
तौ सबदरसी सुनिअ प्रभु करउ सो बेगि उपाइ।
तौ सबदरसी सुनिअ प्रभु करउ सो बेगि उपाइ।
होइ मरनु जेही बिनहिं श्रम दुसह बिपत्ति बिहाइ।।59।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.59 · पुस्तक पृ. 79, 80
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तौ सबदरसी सुनिअ प्रभु करउ सो बेगि उपाइ।
तो हे सब कुछ देखने वाले प्रभु, सुनिए और शीघ्र वह उपाय कीजिए—
English explanation
Then, O all-seeing Lord, hear me and swiftly bring about such a means—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तौ | तो | then |
| सबदरसी | हे सब कुछ देखने वाले | O all-seeing one |
| सुनिअ | सुनिए | please listen |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| करउ | कीजिए | please bring about |
| सो | वह | that |
| बेगि | शीघ्र | swiftly |
| उपाइ | उपाय | means |
2 होइ मरनु जेही बिनहिं श्रम दुसह बिपत्ति बिहाइ।।59।।
जिससे बिना कष्ट के मेरी मृत्यु हो और यह असह्य विपत्ति बीत जाए।
English explanation
By which I may die without suffering and this unbearable affliction may pass.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| होइ | हो जाए | may occur |
| मरनु | मृत्यु | death |
| जेही | जिससे | by which |
| बिनहिं | बिना ही | without any |
| श्रम | कष्ट | suffering |
| दुसह | असह्य | unbearable |
| बिपत्ति | विपत्ति | affliction |
| बिहाइ | बीत जाए | may pass away |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 59
- स्रोत अभिलेख
- 1.59
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 79, 80
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।