बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बंदि बिप्र सुर गुर पितु माता। पाइ असीस मुदित सब भ्राता।।
मूल पाठ
बंदि बिप्र सुर गुर पितु माता। पाइ असीस मुदित सब भ्राता।।
जननिन्ह सादर बदन निहारे। भूपति संग द्वार पगु धारे।।
स्रोत अभिलेख 1.358 · पुस्तक पृ. 337, 338
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्राह्मणों, देवताओं, गुरु, पिता और माताओंकी वन्दना करके आशीर्वाद पाकर सब भाई प्रसन्न हुए। माताओंने आदरके साथ उनके मुखोंको देखा। फिर वे राजाके साथ दरवाजे (बाहर) पधारे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 338 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बंदि बिप्र सुर गुर पितु माता। पाइ असीस मुदित सब भ्राता।।
English explanation
Having bowed to the Brahmins, deities, guru, father, and mothers and received blessings, all the brothers were joyful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंदि | प्रणाम करके | having bowed to |
| बिप्र | ब्राह्मणों को | the Brahmins |
| सुर | देवताओं को | the deities |
| गुर | गुरु को | the guru |
| पितु | पिता को | their father |
| माता | माताओं को | their mothers |
| पाइ | पाकर | having received |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| सब | सभी | all |
| भ्राता | भाई | brothers |
2 जननिन्ह सादर बदन निहारे। भूपति संग द्वार पगु धारे।।
English explanation
The mothers looked lovingly and respectfully at their faces. The brothers then stepped toward the gate with the king.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जननिन्ह | माताओं ने | the mothers |
| सादर | आदरपूर्वक | with respectful affection |
| बदन | मुखों को | their faces |
| निहारे | देखा | looked at |
| भूपति | राजा दशरथ के | King Dasharatha |
| संग | साथ | with |
| द्वार | द्वार की ओर | toward the gate |
| पगु | कदम | steps |
| धारे | रखे; बढ़ाए | set; took |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.358
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 338
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 337, 338
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।