बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रभुहि देखि सब नृप हिंयँ हारे। जनु राकेस उदय भएँ तारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दप्रभुको देखकर सब राजा हृदयमें ऐसे हार गये (निराश एवं उत्साहहीन हो गये) जैसे पूर्ण चन्द्रमाके उदय होनेपर तारे प्रकाशहीन हो जाते हैं। [उनके तेजको देखकर] सबके मनमें ऐसा विश्वास हो गया कि रामचन्द्रजी ही धनुषको तोड़ेंगे, इसमें सन्देह नहीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 238 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
प्रभुहि देखि सब नृप हिंयँ हारे। जनु राकेस उदय भएँ तारे।।
असि प्रतीति सब के मन माहीं। राम चाप तोरब सक नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.245 · पुस्तक पृ. 238, 239
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 प्रभुहि देखि सब नृप हिंयँ हारे। जनु राकेस उदय भएँ तारे।।
English explanation
Seeing Lord Rama, all the kings lost heart, like stars paling when the moon rises.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभुहि | प्रभु राम को | Lord Rama |
| देखि | देखकर | on seeing |
| सब | सभी | all |
| नृप | राजा | kings |
| हिंयँ | हृदय में | in their hearts |
| हारे | हार गए; उत्साह खो बैठे | lost heart |
| जनु | मानो | as though |
| राकेस | चंद्रमा | the moon |
| उदय | उदय | rising |
| भएँ | होने पर | upon occurring |
| तारे | तारे | stars |
2 असि प्रतीति सब के मन माहीं। राम चाप तोरब सक नाहीं।।
English explanation
All held the belief that Rama would not be able to break the bow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| असि | ऐसी | such |
| प्रतीति | धारणा; विश्वास | belief |
| सब | सब | everyone |
| के | के | of |
| मन | मन | minds |
| माहीं | में | within |
| राम | राम | Rama |
| चाप | धनुष | the bow |
| तोरब | तोड़ना | to break |
| सक | सकेंगे | will be able |
| नाहीं | नहीं | not |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.245
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 238
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 238, 239
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।