बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पूछन जोगु न तनय तुम्हारे। पुरुषसिंघ तिहु पुर उजिआरे।।
मूल पाठ
पूछन जोगु न तनय तुम्हारे। पुरुषसिंघ तिहु पुर उजिआरे।।
जिन्ह के जस प्रताप कें आगे। ससि मलीन रबि सीतल लागे।।
स्रोत अभिलेख 1.292 · पुस्तक पृ. 277, 277
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपके पुत्र पूछने योग्य नहीं हैं। वे पुरुषसिंह तीनों लोकोंके प्रकाशस्वरूप हैं। जिनके यशके आगे चन्द्रमा मलिन और प्रतापके आगे सूर्य शीतल लगता है,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 277 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पूछन जोगु न तनय तुम्हारे। पुरुषसिंघ तिहु पुर उजिआरे।।
English explanation
AI-draft meaning: Your sons need no introduction; they are lions among men, illuminating the three worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूछन | परिचय पूछने | asking their identity |
| जोगु | योग्य; जिनके विषय में आवश्यक हो | requiring; calling for |
| न | नहीं | not |
| तनय | पुत्र | sons |
| तुम्हारे | आपके | your |
| पुरुषसिंघ | पुरुषों में सिंह जैसे वीर | lions among men |
| तिहु | तीनों | all three |
| पुर | लोकों को | worlds |
| उजिआरे | प्रकाशित करने वाले | illuminating |
2 जिन्ह के जस प्रताप कें आगे। ससि मलीन रबि सीतल लागे।।
English explanation
Before their glory and might, the moon seems dim and the sun cool.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिनके; उन पुत्रों के | whose; referring to those sons |
| के | का | of |
| जस | यश | glory |
| प्रताप | तेज और पराक्रम | splendor and might |
| कें | के | of |
| आगे | सामने; तुलना में | before; in comparison with |
| ससि | चंद्रमा | the moon |
| मलीन | मलिन; फीका | dim; dull |
| रबि | सूर्य | the sun |
| सीतल | ठंडा | cool |
| लागे | लगते हैं | seem |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.292
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 277
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 277, 277
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।