बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुर अरु ब्योम बाजने बाजे। खल भए मलिन साधु सब राजे।।
मूल पाठ
पुर अरु ब्योम बाजने बाजे। खल भए मलिन साधु सब राजे।।
सुर किंनर नर नाग मुनीसा। जय जय जय कहि देहिं असीसा।।
स्रोत अभिलेख 1.265 · पुस्तक पृ. 255, 256
भावार्थ
मूल पाठ के बादनगर और आकाशमें बाजे बजने लगे। दुष्टलोग उदास हो गये और सज्जनलोग सब प्रसन्न हो गये। देवता, किन्नर, मनुष्य, नाग और मुनीश्वर जय-जयकार करके आशीर्वाद दे रहे हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 255 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पुर अरु ब्योम बाजने बाजे। खल भए मलिन साधु सब राजे।।
English explanation
AI draft: Musical instruments sounded in the city and the sky. The wicked grew dejected, while all the virtuous shone with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुर | नगर में | in the city |
| अरु | और | and |
| ब्योम | आकाश में | in the sky |
| बाजने | वाद्ययंत्र | musical instruments |
| बाजे | बज उठे | sounded |
| खल | दुष्ट लोग | the wicked |
| भए | हो गए | became |
| मलिन | उदास; मुँह मलीन किए | dejected; downcast |
| साधु | सज्जन लोग | virtuous people |
| सब | सभी | all |
| राजे | प्रसन्न होकर शोभित हुए | shone with joy |
2 सुर किंनर नर नाग मुनीसा। जय जय जय कहि देहिं असीसा।।
English explanation
Gods, celestial musicians, humans, serpent beings, and great sages give blessings, crying, “Victory! Victory! Victory!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | gods |
| किंनर | किन्नर; दिव्य गायक | celestial musician beings |
| नर | मनुष्य | humans |
| नाग | नाग जाति के दिव्य प्राणी | divine serpent beings |
| मुनीसा | श्रेष्ठ मुनि | great sages |
| जय | जय हो! | Victory! |
| जय | जय हो! | Victory! |
| जय | जय हो! | Victory! |
| कहि | कहकर | saying |
| देहिं | देते हैं | give |
| असीसा | आशीर्वाद | blessings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.265
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 255
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 255, 256
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।