बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पीत जनेउ महाछबि देई। कर मुद्रिका चोरि चितु लेई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपीला जनेऊ महान् शोभा दे रहा है। हाथकी अँगूठी चित्तको चुरा लेती है। ब्याहके सब साज सजे हुए वे शोभा पा रहे हैं। चौड़ी छातीपर हृदयपर पहननेके सुन्दर आभूषण सुशोभित हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 312 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पीत जनेउ महाछबि देई। कर मुद्रिका चोरि चितु लेई।।
सोहत ब्याह साज सब साजे। उर आयत उरभूषन राजे।।
स्रोत अभिलेख 1.327 · पुस्तक पृ. 311, 312
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पीत जनेउ महाछबि देई। कर मुद्रिका चोरि चितु लेई।।
English explanation
His yellow sacred thread adds great splendor; the ring on his hand steals the heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पीत | पीला | yellow |
| जनेउ | यज्ञोपवीत; पवित्र धागा | sacred thread |
| महाछबि | अत्यंत शोभा | great splendor |
| देई | देता है | gives; adds |
| कर | हाथ में | on the hand |
| मुद्रिका | अँगूठी | ring |
| चोरि | चुराकर | stealing |
| चितु | मन; चित्त | heart; mind |
| लेई | ले लेती है | takes away |
2 सोहत ब्याह साज सब साजे। उर आयत उरभूषन राजे।।
English explanation
All his arranged wedding adornments look splendid; chest ornaments shine upon his broad chest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोहत | शोभित होते हैं | look splendid |
| ब्याह | विवाह के | for the wedding |
| साज | साज-सज्जा; अलंकरण | adornments; finery |
| सब | सभी | all |
| साजे | सजे हुए | arranged; adorned |
| उर | छाती | chest |
| आयत | चौड़ी; विस्तृत | broad |
| उरभूषन | वक्ष के आभूषण | chest ornaments |
| राजे | शोभित हैं | shine; look splendid |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.327
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 312
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 311, 312
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।