बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पहुँचे जाइ धेनुमति तीरा। हरषि नहाने निरमल नीरा।।
मूल पाठ
पहुँचे जाइ धेनुमति तीरा। हरषि नहाने निरमल नीरा।।
आए मिलन सिद्ध मुनि ग्यानी। धरम धुरंधर नृपरिषि जानी।।
स्रोत अभिलेख 1.143 · पुस्तक पृ. 151, 151
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[चलते-चलते] वे गोमतीके किनारे जा पहुँचे। हॢषत होकर उन्होंने निर्मल जलमें स्नान किया। उनको धर्मधुरन्धर राजॢष जानकर सिद्ध और ज्ञानी मुनि उनसे मिलने आये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 151 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पहुँचे जाइ धेनुमति तीरा। हरषि नहाने निरमल नीरा।।
English explanation
They reached the bank of the Dhenumati River and joyfully bathed in its clear waters.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पहुँचे | पहुँचे | arrived |
| जाइ | जाकर | having gone |
| धेनुमति | धेनुमति नदी के | of the Dhenumati River |
| तीरा | तट पर | at the bank |
| हरषि | प्रसन्न होकर | joyfully |
| नहाने | स्नान किया | bathed |
| निरमल | निर्मल; स्वच्छ | pure; clear |
| नीरा | जल में | in the water |
2 आए मिलन सिद्ध मुनि ग्यानी। धरम धुरंधर नृपरिषि जानी।।
English explanation
Recognizing Manu as a royal sage who upheld righteousness, accomplished practitioners, sages, and wise people came to meet him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आए | आए | came |
| मिलन | मिलने के लिए | to meet him |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | accomplished spiritual practitioners |
| मुनि | मुनि; ऋषि | sages |
| ग्यानी | ज्ञानी जन | people of spiritual knowledge |
| धरम | धर्म का | of righteousness |
| धुरंधर | भार सँभालने वाला; समर्थ रक्षक | a steadfast upholder |
| नृपरिषि | राजर्षि; ऋषितुल्य राजा | royal sage; a sage-like king |
| जानी | जानकर; पहचानकर | recognizing him as |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.143
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 151
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 151, 151
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।