बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बसहिं तहाँ मुनि सिद्ध समाजा। तहँ हियँ हरषि चलेउ मनु राजा।।
मूल पाठ
बसहिं तहाँ मुनि सिद्ध समाजा। तहँ हियँ हरषि चलेउ मनु राजा।।
पंथ जात सोहहिं मतिधीरा। ग्यान भगति जनु धरें सरीरा।।
स्रोत अभिलेख 1.143 · पुस्तक पृ. 151, 151
भावार्थ
मूल पाठ के बादवहाँ मुनियों और सिद्धोंके समूह बसते हैं। राजा मनु हृदयमें हॢषत होकर वहीं चले। वे धीर बुद्धिवाले राजा-रानी मार्गमें जाते हुए ऐसे सुशोभित हो रहे थे मानो ज्ञान और भक्ति ही शरीर धारण किये जा रहे हों॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 151 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बसहिं तहाँ मुनि सिद्ध समाजा। तहँ हियँ हरषि चलेउ मनु राजा।।
English explanation
Communities of sages and accomplished spiritual practitioners dwell there. King Manu set out for that place with joy in his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बसहिं | निवास करते हैं | dwell |
| तहाँ | वहाँ | there |
| मुनि | मुनि; ऋषि | sages |
| सिद्ध | साधना में सिद्ध पुरुष | spiritually accomplished beings |
| समाजा | समुदाय | communities |
| तहँ | वहाँ को | to that place |
| हियँ | हृदय में | in his heart |
| हरषि | प्रसन्न होकर | rejoicing |
| चलेउ | चले; प्रस्थान किया | set out |
| मनु | मनु, यहाँ वर्णित राजा | Manu, the king described here |
| राजा | राजा | king |
2 पंथ जात सोहहिं मतिधीरा। ग्यान भगति जनु धरें सरीरा।।
English explanation
As the steadfast-minded couple traveled along the road, they shone as though knowledge and devotion had taken bodily form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पंथ | मार्ग में | along the road |
| जात | जाते हुए | while traveling |
| सोहहिं | शोभित होते हैं | look radiant |
| मतिधीरा | स्थिर बुद्धि वाले | steadfast-minded |
| ग्यान | ज्ञान | spiritual knowledge |
| भगति | भक्ति | devotion |
| जनु | मानो | as though |
| धरें | धारण किए हों | had assumed |
| सरीरा | शरीर | bodily forms |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.143
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 151
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 151, 151
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।