बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परमानंद प्रेमसुख फूले। बीथिन्ह फिरहिं मगन मन भूले।।
मूल पाठ
परमानंद प्रेमसुख फूले। बीथिन्ह फिरहिं मगन मन भूले।।
यह सुभ चरित जान पै सोई। कृपा राम कै जापर होई।।
स्रोत अभिलेख 1.196 · पुस्तक पृ. 196, 196
भावार्थ
मूल पाठ के बादपरम आनन्द और प्रेमके सुखमें फूले हुए हम दोनों मगन मनसे (मस्त हुए) गलियोंमें [तन-मनकी सुधि] भूले हुए फिरते थे। परन्तु यह शुभ चरित्र वही जान सकता है, जिसपर श्रीरामजीकी कृपा हो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 196 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 परमानंद प्रेमसुख फूले। बीथिन्ह फिरहिं मगन मन भूले।।
English explanation
We were elated with supreme bliss and the joy of love; absorbed in that joy and oblivious to ourselves, we wandered through the streets.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परमानंद | परम आनंद से | with supreme bliss |
| प्रेमसुख | प्रेम के सुख से | with the joy of love |
| फूले | पुलकित हुए | were elated |
| बीथिन्ह | गलियों में | in the streets |
| फिरहिं | घूमते हैं | wander |
| मगन | आनंद में डूबे | absorbed in joy |
| मन | मन | mind |
| भूले | सुध-बुध भूले हुए | oblivious to themselves |
2 यह सुभ चरित जान पै सोई। कृपा राम कै जापर होई।।
English explanation
Only one who receives Rama’s grace can know this auspicious account.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| चरित | चरित; घटनाओं का वृत्तांत | account of these deeds |
| जान | जानता है | knows |
| पै | ही; निश्चय ही | only; indeed |
| सोई | वही व्यक्ति | that person alone |
| कृपा | कृपा | grace |
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| कै | की | of |
| जापर | जिस पर | upon whom |
| होई | होती है | rests |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.196
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 196
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 196, 196
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।