बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नृप सब भाँति सबहि सनमानी। कहि मृदु बचन बोलाई रानी।।
मूल पाठ
नृप सब भाँति सबहि सनमानी। कहि मृदु बचन बोलाई रानी।।
बधू लरिकनीं पर घर आईं। राखेहु नयन पलक की नाई।।
स्रोत अभिलेख 1.355 · पुस्तक पृ. 335, 336
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाने सबका सब प्रकारसे सम्मान करके, कोमल वचन कहकर रानियोंको बुलाया और कहा— बहुएँ अभी बच्ची हैं, पराये घर आयी हैं। इनको इस तरहसे रखना जैसे नेत्रोंको पलकें रखती हैं (जैसे पलकें नेत्रोंकी सब प्रकारसे रक्षा करती हैं और उन्हें सुख पहुँचाती हैं, वैसे ही इनको सुख पहुँचाना)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 336 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नृप सब भाँति सबहि सनमानी। कहि मृदु बचन बोलाई रानी।।
English explanation
The king honored everyone in every way, summoned the queens, and spoke gently to them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृप | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| सब | सभी | every |
| भाँति | प्रकार से | way |
| सबहि | सबको | everyone |
| सनमानी | सम्मान देकर | having honored |
| कहि | कहे | spoke |
| मृदु | कोमल और मधुर | gentle |
| बचन | वचन | words |
| बोलाई | बुलाकर | having summoned |
| रानी | रानियों को | the queens |
2 बधू लरिकनीं पर घर आईं। राखेहु नयन पलक की नाई।।
English explanation
These young brides have come into an unfamiliar household. Care for them as an eyelid protects the eye.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बधू | बहुएँ | daughters-in-law |
| लरिकनीं | छोटी लड़कियाँ | young girls |
| पर | पराए | another’s |
| घर | घर में | household |
| आईं | आई हैं | have come |
| राखेहु | सँभालकर रखना | carefully protect |
| नयन | आँख | the eye |
| पलक | पलक | the eyelid |
| की | के | of |
| नाई | समान | in the manner of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.355
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 336
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 335, 336
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।