बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नृप भुजबल बिधु सिवधनु राहू। गरुअ कठोर बिदित सब काहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजाओंकी भुजाओंका बल चन्द्रमा है, शिवजीका धनुष राहु है, वह भारी है, कठोर है, यह सबको विदित है। बड़े भारी योद्धा रावण और बाणासुर भी इस धनुषको देखकर गौंसे (चुपके- से) चलते बने (उसे उठाना तो दूर रहा, छूनेतककी हिम्मत न हुई)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 243 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नृप भुजबल बिधु सिवधनु राहू। गरुअ कठोर बिदित सब काहू।।
रावनु बानु महाभट भारे। देखि सरासन गवँहिं सिधारे।।
स्रोत अभिलेख 1.25 · पुस्तक पृ. 243, 244
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नृप भुजबल बिधु सिवधनु राहू। गरुअ कठोर बिदित सब काहू।।
English explanation
AI-generated draft: The kings’ arm-strength is like the moon, and Shiva’s bow is its Rahu; everyone knows the bow to be heavy and rigid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृप | राजाओं का | of the kings |
| भुजबल | भुजाओं का बल | strength of the arms |
| बिधु | चंद्रमा | the moon |
| सिवधनु | शिव का धनुष | Shiva’s bow |
| राहू | चंद्रमा को ग्रसने वाला राहु | Rahu, who eclipses the moon |
| गरुअ | भारी | heavy |
| कठोर | कठोर, दृढ़ | rigid, unyielding |
| बिदित | ज्ञात | known |
| सब | सब | all |
| काहू | को | to everyone |
2 रावनु बानु महाभट भारे। देखि सरासन गवँहिं सिधारे।।
English explanation
Even mighty warriors such as Ravana and Bana saw the bow and quietly withdrew.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रावनु | लंका का राजा रावण | Ravana, king of Lanka |
| बानु | असुरराज बाण | Bana, the demon king |
| महाभट | महान योद्धा | great warriors |
| भारे | अत्यंत बलशाली | very mighty |
| देखि | देखकर | having seen |
| सरासन | धनुष | the bow |
| गवँहिं | चुपचाप | quietly |
| सिधारे | चले गए | departed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 243
- सहायक विषय
- बन्दीजनोंद्वारा जनकप्रतिज्ञाकी घोषणा
- मुद्रित पृष्ठ
- 243, 244
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।