बालकाण्ड · दोहा 249 · दोहा/सोरठा
बोले बंदी बचन बर सुनहु सकल महिपाल।
बोले बंदी बचन बर सुनहु सकल महिपाल।
पन बिदेह कर कहहिं हम भुजा उठाइ बिसाल।।249।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.249 · पुस्तक पृ. 242, 243
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बोले बंदी बचन बर सुनहु सकल महिपाल।
बंदीजन उत्तम वचन बोले: ‘हे सभी राजाओं, सुनिए।’
English explanation
The bards spoke fine words: ‘Listen, all you kings.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | spoke |
| बंदी | दरबारी स्तुतिगायक | court bards |
| बचन | वचन | words |
| बर | उत्तम | fine; excellent |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| सकल | सभी | all |
| महिपाल | हे राजाओं | O kings |
2 पन बिदेह कर कहहिं हम भुजा उठाइ बिसाल।।249।।
‘हम अपनी विशाल भुजाएँ उठाकर विदेह राजा जनक की प्रतिज्ञा कहते हैं।’
English explanation
‘Raising our mighty arms, we proclaim the vow of Videha’s king, Janaka.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पन | प्रतिज्ञा | vow |
| बिदेह | विदेह राजा जनक | Janaka, king of Videha |
| कर | की | of |
| कहहिं | कहते हैं; घोषित करते हैं | proclaim |
| हम | हम | we |
| भुजा | भुजाएँ | arms |
| उठाइ | उठाकर | raising |
| बिसाल | विशाल | mighty; large |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 249
- स्रोत अभिलेख
- 1.249
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 242, 243
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