बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धनिक बनिक बर धनद समाना। बैठ सकल बस्तु लै नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकुबेरके समान श्रेष्ठ धनी व्यापारी सब प्रकारकी अनेक वस्तुएँ लेकर [दूकानोंमें] बैठे हैं। सुन्दर चौराहे और सुहावनी गलियाँ सदा सुगन्धसे सिंची रहती हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 211 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
धनिक बनिक बर धनद समाना। बैठ सकल बस्तु लै नाना।।
चौहट सुंदर गलीं सुहाई। संतत रहहिं सुगंध सिंचाई।।
स्रोत अभिलेख 1.213 · पुस्तक पृ. 211, 212
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 धनिक बनिक बर धनद समाना। बैठ सकल बस्तु लै नाना।।
English explanation
Excellent, wealthy merchants, comparable to Kubera, sit with goods of every kind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धनिक | धनी | wealthy |
| बनिक | व्यापारी | merchants |
| बर | श्रेष्ठ | excellent |
| धनद | धन के देवता कुबेर | Kubera, god of wealth |
| समाना | के समान | comparable to |
| बैठ | बैठे हैं | sit |
| सकल | सभी | all |
| बस्तु | वस्तुएँ | goods |
| लै | लिए हुए | having with them |
| नाना | अनेक प्रकार की | of various kinds |
2 चौहट सुंदर गलीं सुहाई। संतत रहहिं सुगंध सिंचाई।।
English explanation
The beautiful crossroads and charming lanes are continually sprinkled with fragrant water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चौहट | चौराहे | crossroads |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| गलीं | गलियाँ | lanes |
| सुहाई | मनोहर | charming |
| संतत | निरंतर | continually |
| रहहिं | रहती हैं | remain |
| सुगंध | सुगंधित जल से | with fragrant water |
| सिंचाई | सींची हुई | sprinkled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.213
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 211
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका जनकपुरमें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 211, 212
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।