बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि स्याम मृदु मंजुल गाता। कहहिं सप्रेम बचन सब माता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामजीके साँवले सुन्दर कोमल अङ्गोंको देखकर सब माताएँ प्रेमसहित वचन कह रही हैं— हे तात! मार्गमें जाते हुए तुमने बड़ी भयावनी ताड़का राक्षसीको किस प्रकारसे मारा?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 336 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखि स्याम मृदु मंजुल गाता। कहहिं सप्रेम बचन सब माता।।
मारग जात भयावनि भारी। केहि बिधि तात ताड़का मारी।।
स्रोत अभिलेख 1.356 · पुस्तक पृ. 336, 336
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखि स्याम मृदु मंजुल गाता। कहहिं सप्रेम बचन सब माता।।
English explanation
Seeing Rama’s dark, tender, lovely body, all the mothers speak affectionately.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | seeing |
| स्याम | साँवला | dark-complexioned |
| मृदु | कोमल | tender |
| मंजुल | सुंदर | lovely |
| गाता | शरीर | body |
| कहहिं | कहती हैं | say |
| सप्रेम | प्रेमपूर्वक | affectionately |
| बचन | वचन | words |
| सब | सभी | all |
| माता | माताएँ | mothers |
2 मारग जात भयावनि भारी। केहि बिधि तात ताड़का मारी।।
English explanation
Dear son, while traveling along the road, how did you slay the terribly fearsome Tataka?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारग | मार्ग में | along the road |
| जात | जाते हुए | while going |
| भयावनि | भयावनी | fearsome |
| भारी | अत्यंत | extremely |
| केहि | किस | what |
| बिधि | प्रकार से | manner; way |
| तात | हे प्रिय पुत्र | dear son |
| ताड़का | ताड़का राक्षसी को | Tataka, the demoness |
| मारी | मार डाला | slew |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.356
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 336
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 336, 336
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।