बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे मुनियो! आप मेरा अज्ञान तो देखिये कि मैं सदा शिवजीको ही पति बनाना चाहती हूँ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 94 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा।।
स्रोत अभिलेख 1.78 · पुस्तक पृ. 94, 94
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा।।
English explanation
‘Sages, see my lack of discernment: I ever desire Shiva alone as my husband.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखहु | देखिए | see |
| मुनि | हे मुनियो | O sages |
| अबिबेकु | अविवेक | lack of discernment |
| हमारा | मेरा | my |
| चाहिअ | मैं चाहती हूँ | I desire |
| सदा | सदा | always |
| सिवहि | शिव को ही | Shiva alone |
| भरतारा | पति के रूप में | as my husband |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.78
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 94
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 94, 94
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