बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दीप दीप के भूपति नाना। आए सुनि हम जो पनु ठाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैंने जो प्रण ठाना था, उसे सुनकर द्वीप-द्वीपके अनेकों राजा आये। देवता और दैत्य भी मनुष्यका शरीर धारण करके आये तथा और भी बहुत-से रणधीर वीर आये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 244 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दीप दीप के भूपति नाना। आए सुनि हम जो पनु ठाना।।
देव दनुज धरि मनुज सरीरा। बिपुल बीर आए रनधीरा।।
स्रोत अभिलेख 1.251 · पुस्तक पृ. 244, 245
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दीप दीप के भूपति नाना। आए सुनि हम जो पनु ठाना।।
English explanation
Janaka said: Many rulers from island after island came upon hearing the pledge I had made.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दीप | द्वीप | island; land division |
| दीप | द्वीप | island; land division |
| के | के | of |
| भूपति | राजा | rulers |
| नाना | अनेक; विविध | many; various |
| आए | आए | came |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| हम | मैंने | I |
| जो | जो | which |
| पनु | प्रतिज्ञा | pledge |
| ठाना | ठानी; निश्चित की | resolved upon; made |
2 देव दनुज धरि मनुज सरीरा। बिपुल बीर आए रनधीरा।।
English explanation
Gods and demons came assuming human bodies; many warriors steadfast in battle came as well.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | देवता | gods |
| दनुज | दानव | demons |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| मनुज | मनुष्य का | human |
| सरीरा | शरीर | bodies |
| बिपुल | बहुत-से | many |
| बीर | वीर योद्धा | valiant warriors |
| आए | आए | came |
| रनधीरा | युद्ध में धैर्यवान और साहसी | steadfast and brave in battle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.251
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 244
- सहायक विषय
- राजाओंसे धनुष न उठना, जनककी निराशाजनक वाणी
- मुद्रित पृष्ठ
- 244, 245
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।