बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तौ मैं बिनय करउँ कर जोरी। छूटउ बेगि देह यह मोरी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतो मैं हाथ जोड़कर विनती करती हूँ कि मेरी यह देह जल्दी छूट जाय। यदि मेरा शिवजीके चरणोंमें प्रेम है और मेरा यह [प्रेमका] व्रत मन, वचन और कर्म (आचरण) से सत्य है,॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 79 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तौ मैं बिनय करउँ कर जोरी। छूटउ बेगि देह यह मोरी।।
जौं मोरे सिव चरन सनेहू। मन क्रम बचन सत्य ब्रतु एहू।।
स्रोत अभिलेख 1.59 · पुस्तक पृ. 79, 80
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तौ मैं बिनय करउँ कर जोरी। छूटउ बेगि देह यह मोरी।।
English explanation
Then, with folded hands, I pray that I may soon be released from this body of mine.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तौ | तो | then |
| मैं | मैं | I |
| बिनय | विनती | a humble plea |
| करउँ | करती हूँ | make |
| कर | हाथ | hands |
| जोरी | जोड़कर | folding together |
| छूटउ | छूट जाए | may be relinquished |
| बेगि | शीघ्र | soon |
| देह | देह | body |
| यह | यह | this |
| मोरी | मेरी | of mine |
2 जौं मोरे सिव चरन सनेहू। मन क्रम बचन सत्य ब्रतु एहू।।
English explanation
If I love Shiva’s feet, and this vow of mine is true in thought, deed, and speech—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| मोरे | मेरा | my |
| सिव | शिव के | of Shiva |
| चरन | चरणों में | toward the feet |
| सनेहू | प्रेम | love |
| मन | मन से | in thought |
| क्रम | कर्म से | in deed |
| बचन | वचन से | in speech |
| सत्य | सच्चा | true |
| ब्रतु | व्रत | vow |
| एहू | यह | this |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.59
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 79
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 79, 80
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।