बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तिन्ह के गृह अवतरिहउँ जाई। रघुकुल तिलक सो चारिउ भाई।।
मूल पाठ
तिन्ह के गृह अवतरिहउँ जाई। रघुकुल तिलक सो चारिउ भाई।।
नारद बचन सत्य सब करिहउँ। परम सक्ति समेत अवतरिहउँ।।
स्रोत अभिलेख 1.187 · पुस्तक पृ. 188, 189
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्हींके घर जाकर मैं रघुकुलमें श्रेष्ठ चार भाइयोंके रूपमें अवतार लूँगा। नारदके सब वचन मैं सत्य करूँगा और अपनी पराशक्तिके सहित अवतार लूँगा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 188 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तिन्ह के गृह अवतरिहउँ जाई। रघुकुल तिलक सो चारिउ भाई।।
English explanation
I will go and incarnate in their household; all four brothers will be the glory of Raghu’s lineage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्ह | उनके | their |
| के | के | of |
| गृह | घर में | in the household |
| अवतरिहउँ | मैं अवतार लूँगा | I will incarnate |
| जाई | जाकर | having gone there |
| रघुकुल | रघु का वंश | Raghu’s lineage |
| तिलक | गौरव या शोभा | glory or ornament |
| सो | वे | those |
| चारिउ | चारों | all four |
| भाई | भाई | brothers |
2 नारद बचन सत्य सब करिहउँ। परम सक्ति समेत अवतरिहउँ।।
English explanation
I will fulfill all of Narada’s words and incarnate together with the supreme power.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारद | देवर्षि नारद के | of Narada, the divine sage |
| बचन | वचन | words |
| सत्य | सत्य या साकार | true or fulfilled |
| सब | सभी | all |
| करिहउँ | मैं करूँगा | I will make |
| परम | सर्वोच्च | supreme |
| सक्ति | शक्ति | power |
| समेत | सहित | together with |
| अवतरिहउँ | मैं अवतार लूँगा | I will incarnate |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.187
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 188
- सहायक विषय
- भगवान्का वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 188, 189
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