बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तारकु असुर भयउ तेहि काला। भुज प्रताप बल तेज बिसाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसी समय तारक नामका असुर हुआ, जिसकी भुजाओंका बल, प्रताप और तेज बहुत बड़ा था। उसने सब लोक और लोकपालोंको जीत लिया, सब देवता सुख और सम्पत्तिसे रहित हो गये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 97 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तारकु असुर भयउ तेहि काला। भुज प्रताप बल तेज बिसाला।।
तेंहि सब लोक लोकपति जीते। भए देव सुख संपति रीते।।
स्रोत अभिलेख 1.82 · पुस्तक पृ. 97, 97
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तारकु असुर भयउ तेहि काला। भुज प्रताप बल तेज बिसाला।।
English explanation
At that time there arose the demon Taraka, whose prowess of arms, strength, and might were immense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तारकु | तारक नाम का दैत्य | Taraka, the demon |
| असुर | असुर; दैत्य | demon |
| भयउ | हुआ; उत्पन्न हुआ | arose; came into being |
| तेहि | उस | that |
| काला | समय | time |
| भुज | भुजाओं का | of his arms |
| प्रताप | पराक्रम | prowess |
| बल | बल | strength |
| तेज | तेज; प्रभावशाली शक्ति | might; formidable power |
| बिसाला | अत्यंत विशाल; प्रबल | immense; formidable |
2 तेंहि सब लोक लोकपति जीते। भए देव सुख संपति रीते।।
English explanation
He conquered all the worlds and their rulers. The gods were deprived of happiness and prosperity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेंहि | उसने; तारक ने | he; Taraka |
| सब | सभी | all |
| लोक | लोकों | worlds |
| लोकपति | लोकों के अधिपतियों | rulers of the worlds |
| जीते | जीत लिया | conquered |
| भए | हो गए | became |
| देव | देवता | the gods |
| सुख | सुख से | of happiness |
| संपति | संपत्ति से | of prosperity |
| रीते | वंचित; रहित | deprived; bereft |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 97
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 97, 97
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