बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अजर अमर सो जीति न जाई। हारे सुर करि बिबिध लराई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह अजर-अमर था, इसलिये किसीसे जीता नहीं जाता था। देवता उसके साथ बहुत तरहकी लड़ाइयाँ लड़कर हार गये। तब उन्होंने ब्रह्माजीके पास जाकर पुकार मचायी। ब्रह्माजीने सब देवताओंको दु:खी देखा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 97 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अजर अमर सो जीति न जाई। हारे सुर करि बिबिध लराई।।
तब बिरंचि सन जाइ पुकारे। देखे बिधि सब देव दुखारे।।
स्रोत अभिलेख 1.82 · पुस्तक पृ. 97, 97
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अजर अमर सो जीति न जाई। हारे सुर करि बिबिध लराई।।
English explanation
He was unaging and deathless and could not be defeated. The gods fought many kinds of battles and lost.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अजर | जो बूढ़ा न हो | unaging |
| अमर | जो मरे नहीं | deathless |
| सो | वह; तारक | he; Taraka |
| जीति | जीता | defeated |
| न | नहीं | not |
| जाई | जा सकता | could be |
| हारे | हार गए | were defeated |
| सुर | देवता | the gods |
| करि | करके | having fought |
| बिबिध | अनेक प्रकार की | various kinds of |
| लराई | लड़ाइयाँ | battles |
2 तब बिरंचि सन जाइ पुकारे। देखे बिधि सब देव दुखारे।।
English explanation
Then the gods went to Brahma and cried out for help. Brahma saw that all the gods were distressed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| बिरंचि | ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| सन | के पास; से | to |
| जाइ | जाकर | having gone |
| पुकारे | सहायता के लिए पुकारा | cried out for help |
| देखे | देखा | saw |
| बिधि | ब्रह्मा | Brahma |
| सब | सभी | all |
| देव | देवताओं को | the gods |
| दुखारे | दुखी; पीड़ित | distressed; afflicted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 97
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 97, 97
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