बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तस मैं सुमुखि सुनावउँ तोही। समुझि परइ जस कारन मोही।।
मूल पाठ
तस मैं सुमुखि सुनावउँ तोही। समुझि परइ जस कारन मोही।।
जब जब होइ धरम कै हानी। बाढहिं असुर अधम अभिमानी।।
स्रोत अभिलेख 1.121 · पुस्तक पृ. 133, 133
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर जैसा कुछ मेरी समझमें आता है, हे सुमुखि! वही कारण मैं तुमको सुनाता हूँ। जब- जब धर्मका ह्रास होता है और नीच अभिमानी राक्षस बढ़ जाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 133 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तस मैं सुमुखि सुनावउँ तोही। समुझि परइ जस कारन मोही।।
English explanation
O fair-faced Parvati, I tell you accordingly, as that reason becomes intelligible to me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तस | वैसा ही, उसी प्रकार | accordingly, in that way |
| मैं | मैं | I |
| सुमुखि | हे सुंदर मुखवाली पार्वती | O fair-faced Parvati |
| सुनावउँ | सुनाता हूँ | I recount |
| तोही | तुम्हें | to you |
| समुझि | समझ में | into understanding |
| परइ | आता है | comes |
| जस | जैसा | as |
| कारन | कारण | reason |
| मोही | मुझे | to me |
2 जब जब होइ धरम कै हानी। बाढहिं असुर अधम अभिमानी।।
English explanation
Whenever righteousness declines and vile, arrogant demons grow in power—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| जब | जब भी | whenever |
| होइ | होती है | occurs |
| धरम | धर्म, सदाचार | righteousness, moral order |
| कै | की | of |
| हानी | हानि, गिरावट | decline, loss |
| बाढहिं | बढ़ते हैं, प्रबल होते हैं | increase, grow powerful |
| असुर | असुर, दैत्य | demons |
| अधम | नीच, दुष्ट | vile, wicked |
| अभिमानी | अहंकारी | arrogant |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 133
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 133, 133
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।