बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तरुन अरुन अंबुज सम चरना। नख दुति भगत हृदय तम हरना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउनके चरण नये (पूर्णरूपसे खिले हुए) लाल कमलके समान थे, नखोंकी ज्योति भक्तोंके हृदयका अन्धकार हरनेवाली थी। साँप और भस्म ही उनके भूषण थे और उन त्रिपुरासुरके शत्रु शिवजीका मुख शरद् (र्पूिर्णमा) के चन्द्रमाकी शोभाको भी हरनेवाला (फीकी करनेवाला) था॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 120 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तरुन अरुन अंबुज सम चरना। नख दुति भगत हृदय तम हरना।।
भुजग भूति भूषन त्रिपुरारी। आननु सरद चंद छबि हारी।।
स्रोत अभिलेख 1.106 · पुस्तक पृ. 120, 120
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तरुन अरुन अंबुज सम चरना। नख दुति भगत हृदय तम हरना।।
English explanation
His feet resemble fresh red lotuses; the radiance of his nails dispels the darkness in devotees’ hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तरुन | नए खिले, कोमल | fresh, tender |
| अरुन | लाल | red |
| अंबुज | कमल | lotus |
| सम | के समान | like |
| चरना | चरण | feet |
| नख | नखों की | of the nails |
| दुति | आभा, चमक | radiance |
| भगत | भक्तों के | devotees’ |
| हृदय | हृदय का | of the heart |
| तम | अंधकार | darkness |
| हरना | हरने वाली | dispelling |
2 भुजग भूति भूषन त्रिपुरारी। आननु सरद चंद छबि हारी।।
English explanation
Shiva, destroyer of Tripura, is adorned with serpents and sacred ash; his face surpasses the beauty of the autumn moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भुजग | साँप | serpents |
| भूति | भस्म | sacred ash |
| भूषन | आभूषण हैं | are ornaments |
| त्रिपुरारी | त्रिपुर के संहारक शिव | Shiva, destroyer of the three cities |
| आननु | मुख | face |
| सरद | शरद ऋतु के | autumn’s |
| चंद | चंद्रमा की | of the moon |
| छबि | शोभा | beauty |
| हारी | को मात देने वाला | surpassing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.106
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 120
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 120, 120
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।